10 Mahavidya Mantra, दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ | Powerful Mahavidya Mantra

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इसमें आपको 10 Mahavidya Mantra, दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ, Mantras of Dasha Mahavidya का हिंदी और English Lyrics भी दिया जा रहा है और उम्मीद करता हूँ कि 10 Mahavidya Mantra, दस महाविद्या मन्त्र, दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ आपके लिए जरूर helpful साबित होगा |

10 Mahavidya Mantra In Hindi | दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ

शास्त्रों में 10 Mahavidya Mantraदस महाविद्या का उल्लेख किया गया 10 Mahavidya Mantraदस महाविद्या मां दुर्गा के ही रूप है जिसे सिद्धि देने वाली मानी जाती है। मां दुर्गा के इन दस महाविद्याओं की साधना करने वाला व्यक्ति सभी भौतिक सुखों को प्राप्त कर बंधन से भी मुक्त हो जाता है। मां को प्रसन्न करने के लिए तांत्रिक साधकों द्वारा यह पूजा की जाती है।

10 Mahavidya Mantra, दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ | Powerful Mahavidya Mantra
10 Mahavidya Mantra, दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ

ये दस महाविद्याएं इस प्रकार है- काली, तारा, छिन्नमस्ता, षोडशी, भुवनेश्वरी, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी व कमला।

यहाँ 10 Mahavidya Mantra, दस महाविद्या मन्त्र, दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ दिया गया है –

|| दस महाविद्या मन्त्र ॥

१. काली मंत्र (Kali Mantra)

श्री दक्षिणा काली मन्त्र:
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिके
क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

एकाक्षरी काली मन्त्र:
ॐ क्रीं

तीन अक्षरी काली मन्त्र:
ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं॥

पञ्च अक्षरी काली मन्त्र:
ॐ क्रीं ह्रुं ह्रीं हूँ फट्॥

षडाक्षरी अक्षरी काली मन्त्र:
ॐ क्रीं कालिके स्वाहा॥

सप्ताक्षारी अक्षरी काली मन्त्र:
ॐ हूँ ह्रीं हूँ फट् स्वाहा॥

श्री दक्षिणा काली मन्त्र:
ॐ ह्रीं ह्रीं ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं
दक्षिणकालिके क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं॥

श्री दक्षिणा काली मन्त्र:
क्रीं ह्रुं ह्रीं दक्षिणेकालिके क्रीं ह्रुं ह्रीं स्वाहा॥

श्री दक्षिणा काली मन्त्र:
ॐ ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं
दक्षिणकालिके ह्रुं ह्रुं क्रीं क्रीं क्रीं ह्रीं ह्रीं स्वाहा॥

श्री दक्षिणा काली मन्त्र:
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं ह्रुं ह्रुं ह्रीं ह्रीं दक्षिणकालिके स्वाहा॥

भद्रकाली मन्त्र:
ॐ ह्रौं काली महाकाली किलिकिले फट् स्वाहा॥

श्मसान काली मन्त्र:
ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं कालिके क्लीं श्रीं ह्रीं ऐं॥

काली मंत्र (Kali Mantra)
ॐ क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं दक्षिणे कालिका क्रीं क्रीं क्रीं हूँ हूँ ह्रीं ह्रीं स्वाहा।।

काली बीज मंत्र लाभ (10 Mahavidya Mantra)

शत्रुओं व दुष्टों का नाश होना
मन से बुरी प्रवत्तियों का निकलना
अभय का प्राप्त होना इत्यादि।

२. Tara Mantra | तारा मंत्र

एकाक्षरी तारा मंत्र:
ॐ त्रीं

तीन अक्षरी तारा मंत्र:
ॐ हूं स्त्रीं हूं॥

चतुराक्षारी अक्षरी तारा मंत्र:
ॐ ह्रीं ह्रीं स्त्रीं हूं॥

पंचाक्षरी अक्षरी तारा मंत्र:
ॐ ह्रीं त्रीं ह्रुं फट्॥

षडाक्षरी अक्षरी तारा मंत्र:
ऐं ॐ ह्रीं क्रीं हूं फट्॥

सप्ताक्षारी अक्षरी तारा मंत्र:
ॐ त्रीं ह्रीं, ह्रूं, ह्रीं, हुं फट्॥

हंसा अक्षरी तारा मंत्र:
ऐं स्त्रीं ॐ ऐं ह्रीं फट् स्वाहा॥

तारा मंत्र, Tara Mantra
ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्।।

तारा बीज मंत्र लाभ | 10 Mahavidya Mantra

संकटों को दूर करना
आर्थिक क्षेत्र में उन्नति
मोक्ष प्राप्ति इत्यादि।

३. त्रिपुर सुंदरी या षोडशी मंत्र, 10 Mahavidya Mantra

षोडशी मंत्र:
ऐं सौः क्लीं॥

पंचाक्षरी षोडशी मंत्र:
ऐं क्लीं सौः सौः क्लीं॥

षडाक्षरी षोडशी मंत्र:
ऐं क्लीं सौः सौः क्लीं ऐं॥

अष्टाक्षारी षोडशी मंत्र:
ह्रीं श्रीं क्लीं त्रिपुरामदने सर्वशुभं साधय स्वाहा॥

त्रिपुर गायत्री मन्त्र :
क्लीं त्रिपुरादेवि विद्महे कामेश्वरि धीमहि। तन्नः क्लिन्ने प्रचोदयात्॥

षोडशी मंत्र, Shodashi Mantra
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदरीयै नमः।।

षोडशी मंत्र बीज मंत्र लाभ | 10 Mahavidya Mantra

सुंदर रूप की प्राप्ति होना
वैवाहिक जीवन का सुखमय रहना
जीवनसाथी की तलाश पूरी होना
मन का नियंत्रण में रहना इत्यादि।

4. भुवनेश्वरी मंत्र, Bhuvaneshvari Mata Mantra

एकाक्षरी भुवनेश्वरी मंत्र:
ह्रीं

तीन अक्षरी भुवनेश्वरी मंत्र:
आं ह्रीं क्रों॥

अष्टाक्षारी भुवनेश्वरी मंत्र:
आं श्रीं ह्रीं क्लीं क्लीं ह्रीं श्रीं क्रों॥

एकबीजाक्षर युक्ता मन्त्र:
ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः॥

द्वय बीजाक्षर युक्ता मन्त्र:
श्रीं ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः॥

त्रयबीजाक्षर युक्ता मन्त्र:
ॐ श्रीं क्लीं भुवनेश्वर्यै नमः॥

चतुराक्षर बीज युक्ता मन्त्र:
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं भुवनेश्वर्यै नमः॥

पंचाक्षर बीज युक्ता मन्त्र:
ॐ श्रीं ऐं क्लीं ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः॥

षडबीजाक्षर युक्ता मन्त्र:
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सौंः भुवनेश्वर्यै नमः॥

सप्तबीजाक्षर युक्ता मन्त्र:
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सौंः ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः॥

अष्टबीजाक्षर युक्ता मन्त्र:
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सौंः क्लीं ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः॥

नवबीजाक्षर युक्ता मन्त्र:
ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं क्लीं सौंः ऐं सौंः भुवनेश्वर्यै नमः॥

दसबीजाक्षर युक्ता मन्त्र:
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौंः क्रीं हूं ह्रीं ह्रीं भुवनेश्वर्यै नमः॥

Bhuvaneshwari Mantra
ह्नीं भुवनेश्वरीयै ह्नीं नम:।।

भुवनेश्वरी बीज मंत्र लाभ | 10 Mahavidya Mantra

आत्म ज्ञान की प्राप्ति होना
शरीर में ऊर्जा का अनुभव करना
कार्य करने की शक्ति प्राप्त होना
संतान प्राप्ति की कामना का पूरी होना
मन का नियंत्रण में रहना इत्यादि।

10 Mahavidya Mantra, दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ
10 Mahavidya Mantra, दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ

5. भैरवी मंत्र, Bhairavi Mata Mantra

भैरवी मूल मन्त्र:
ॐ ह्रीं भैरवी कलौं ह्रीं स्वाहा॥

त्रयाक्षारी त्रिपुरा भैरवी मंत्र:
ह्स्त्रैं ह्स्क्ल्रीं ह्स्त्रौंः॥

अष्टाक्षारी त्रिपुरा भैरवी मंत्र:
हसैं हसकरीं हसैं॥

श्मशान भैरवी मंत्र:
श्मशान भैरवि नररुधिरास्थि – वसाभक्षिणि सिद्धिं मे देहि
मम मनोरथान् पूरय हुं फट् स्वाहा॥

भैरवी गायत्री मंत्र:
ॐ त्रिपुरायै विद्महे महाभैरव्यै धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

भैरवी मंत्र, Bhairavi Mantra
ॐ ह्रीं भैरवी कलौं ह्रीं स्वाहा।।

भैरवी बीज मंत्र लाभ | 10 Mahavidya Mantra

बुरी आत्माओं व शक्तियों के प्रभाव से मुक्ति
डर व भय का समाप्त होना
वैवाहिक एवं प्रेम जीवन का सुखमय होना
शत्रुओं से मुक्ति मिलना इत्यादि |

6. छिन्नमस्ता मंत्र, Chhinnamasta Mata Mantra

एकाक्षर छिन्नमस्ता मंत्र:
हूं॥

त्रयाक्षर छिन्नमस्ता मंत्र:
ॐ हूं ॐ॥

चतुराक्षर छिन्नमस्ता मंत्र:
ॐ हूं स्वाहा॥

पंचाक्षर छिन्नमस्ता मंत्र:
ॐ हूं स्वाहा ॐ॥

षडाक्षर छिन्नमस्ता मंत्र:
ह्रीं क्लीं श्रीं ऐं हूं फट्॥

छिन्नमस्ता गायत्री मंत्र:
ॐ वैरोचन्ये विद्महे छिन्नमस्तायै धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

छिन्नमस्ता मंत्र, Chinnamasta Mantra
श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्र वैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा।।

छिन्नमस्ता बीज मंत्र लाभ | 10 Mahavidya Mantra

शत्रुओं का विनाश
भय का दूर होना अभय की प्राप्ति
विपत्तियों का समाप्त होना इत्यादि।

7. धूमावती मंत्र, Dhumavati Mata Mantra

सप्ताक्षर धूमावती मंत्र:
धूं धूमावती स्वाहा॥

अष्टाक्षर धूमावती मंत्र:
धूं धूं धूमावती स्वाहा॥

दसाक्षर धूमावती मंत्र:
धूं धूं धूं धूमावती स्वाहा॥

चतुरदसाक्षर धूमावती मंत्र:
धूं धूं धुर धुर धूमावती क्रों फट् स्वाहा॥

पञ्चदसाक्षर धूमावती मंत्र:
ॐ धूं धूमावती देवदत्त धावति स्वाहा॥

धूमावती गायत्री मंत्र:
ॐ धूमावत्यै विद्महे संहारिण्यै धीमहि तन्नो धूमा प्रचोदयात्॥

धूमावती मंत्र, Dhumavati Mantra
ऊँ धूं धूं धूमावती देव्यै स्वाहा:।।

धूमावती बीज मंत्र लाभ | 10 Mahavidya Mantra

आत्म ज्ञान की प्राप्ति होना
शरीर में स्फूर्ति का अनुभव करना
संकटों का समाप्त होना
नकारात्मक गुणों का समाप्त होना
किसी प्रकार की कमी का दूर होना |

8. बगलामुखी मंत्र, 10 Mahavidya Mantra

एकाक्षरी बगलामुखी मंत्र:
ह्लीं॥

त्रयाक्षरी बगलामुखी मंत्र:
ॐ ह्लीं ॐ॥

चतुराक्षरी बगलामुखी मंत्र:
ॐ आं ह्लीं क्रों॥

पंचाक्षरी बगलामुखी मंत्र:
ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्॥

अष्टाक्षरी बगलामुखी मंत्र:
ॐ आं ह्लीं क्रों हुं फट् स्वाहा॥

नवाक्षरी बगलामुखी मंत्र:
ह्रीं क्लीं ह्रीं बगलामुखि ठः॥

एकादसाक्षरी बगलामुखी मंत्र:
ॐ ह्लीं क्लीं ह्लीं बगलामुखि ठः ठः॥

बगलामुखी गायत्री मंत्र:
ह्लीं बगलामुखी विद्महे दुष्टस्तंभनी धीमहि तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

बगलामुखी मंत्र, Baglamukhi Mantra
ॐ ह्लीं बगलामुखी देव्यै ह्लीं ॐ नमः

बगलामुखी बीज मंत्र लाभ | 10 Mahavidya Mantra

समस्त शत्रुओं का समूल विनाश
शत्रुओं व दुष्टों को अपंग बनाना
विपत्ति एवं संकट निवारण इत्यादि।

9. मातंगी मंत्र, Matangi Mata Mantra

अष्टाक्षरी मातंगी मंत्र:
कामिनी रञ्जिनी स्वाहा॥

दसाक्षरी मातंगी मंत्र:
ॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा॥

मातंगी गायत्री मंत्र:
ॐ शुक्रप्रियायै विद्महे श्रीकामेश्वर्यै धीमहि तन्नः श्यामा प्रचोदयात्॥

मातंगी बीज मंत्र, Matangi Mantra
ॐ ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा।।

मातंगी बीज मंत्र के लाभ | 10 Mahavidya Mantra

विद्या, बुद्धि, व ज्ञान का विकास होना
संगीत व कला के क्षेत्र विकास होना
जादू-टोना के प्रभाव से मुक्ति इत्यादि।

10. कमला मंत्र, Kamala Mata Mantra

एकाक्षर कमला मंत्र:
श्रीं॥

त्रयाक्षर कमला मंत्र:
श्रीं क्लीं श्रीं॥

चतुराक्षर कमला मंत्र:
ऐं श्रीं ह्रीं क्लीं॥

पंचाक्षर कमला मंत्र:
श्रीं क्लीं श्रीं नमः॥

नवाक्षर कमला मंत्र:
ॐ ह्रीं हूं हां ग्रें क्षों क्रों नमः॥

दसाक्षर कमला मंत्र:
नमः कमलवासिन्यै स्वाहा॥

कमला बीज मंत्र, Kamla Beej Mantra
ॐ ह्रीं अष्ट महालक्ष्म्यै नमः।।

कमला बीज मंत्र के लाभ | 10 Mahavidya Mantra

आर्थिक स्थिति में सुधार, ऋण मुक्ति होना
व्यापार व नौकरी में उन्नति एवं सुख व वैभव में वृद्धि होना
मनोवांछित इच्छाओं की पूर्ति होना इत्यादि।

इसे भी पढ़ें:-


10 Mahavidya Mantra in English

10 Mahavidya Mantra, दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ
10 Mahavidya Mantra, दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ

In this article, you are also being given the Hindi and English lyrics of 10 Mahavidya Mantra in English and I hope that 10 Mahavidya Mantra In English.

Here you can read 10 Mahavidya Mantra in English –

ye hain 10 mahaavidya Mantra hindee mein, das mahaavidya Mantra –

|| das mahaavidya Mantra.

1. kaalee Mantra (10 Mahavidya Mantra)

shree dakshina kaalee Mantra:
dakshinee kaalika mein om krim krim ham ham hreen hreen
krim krim krim ham ham harin svaaha.

ekaaksharee kaalee Mantra:
om krim

teen akshar kaalee Mantra:
krim haram harim

panch aksharee kaalee Mantra:
krim haren ham phat.

chhah akshar kaalee Mantra:
krim kalike svaaha.

saptaksharee akshara kaalee Mantra:
ham hreen ham phat svaaha.

shree dakshina kaalee Mantra:
hreen hreen hram hram krim krim
dakshinee samay mein, krim krim krim haram hreen hreen.

shree dakshina kaalee Mantra:
krim hreen hreen dakshinee samay mein krim haran hreen svaaha .

shree dakshina kaalee Mantra:
hamran ham krim krim hreen hreen
dakshinee samay mein, hrun hrun krim krim krin hreen hreen svaaha.

shree dakshina kaalee Mantra:
krim krim krim haram hreen hreen dakshinaakalaike svaaha.

bhadrakaalee Mantra:
haun kaalee mahaakaalee kilikile phat svaaha.

shmaasan kaalee Mantra:
aim hreen shreen kalim kalike kleen shreen hreen aim.

kaalee Mantra (kaalee Mantra)
om krim krim ham ham hreen hreen kaalika dakshin krim krim krim ham ham hreen svaaha.

kaalee beej Mantra ke laabh | 10 Mahavidya Mantra

shatruon aur dushton ka naash
man se dusht pravrttiyon ka uday
suraksha kee praapti aadi.

2. taara Mantra

ekaaksharee taara Mantra:
om trim

teen akshar vaala taara Mantra:
ham shreen ham

chaturaaksharee aksharee taara Mantra:
hreen hreen shreen ham.

panchaaksharee aksharee taara Mantra:
hreen trim haram phat.

chhah akshar vaala taara Mantra:
aim om hreen krim ham phat.

saptaksharee aksharee taara Mantra:
trim harim, haram, hareem, ham phat.

hansa aksharee taara Mantra:
aim stree ain hreen phat svaahaah

taara Mantra, taara Mantra
om hreen shreen ham phat.

taara beej Mantra ke laabh | 10 Mahavidya Mantra

sankaton par kaaboo paana
aarthik kshetr mein unnati
moksh kee praapti aadi.

3. tripur sundaree ya shodashee Mantra

solahavaan Mantra:
aim sauh klim.

panchaaksharee shodashee Mantra:
aim kaleem sauh sauh kleem.

shadaaksharee shodashee Mantra:
aim kaleem sauh sauh kaleem aim.

ashtaaksharee shodashee Mantra:
hree shree kaleem he tripur ke prasann, sarv mangal siddh karo. svaaha.

tripura gaayatree Mantra:
kleen tripuraadevee vidyaamahe kaameshvaree dheemahee. kya vah hamen geele mein protsaahit kar sakata hai.

solahavaan Mantra, shodashee Mantra
ain hreen shreen tripur sundariyai namah..

solahavaan Mantra beej Mantra ke laabh

sundar dikhane ke lie
shaadee mein khushee
jeevanasaathee kee talaash pooree
man ke niyantran mein hona aadi.

4.bhuvaneshvaree Mantra | 10 Mahavidya Mantra

ekaaksharee bhuvaneshvaree Mantra:
hreeno

teen akshar ka bhuvaneshvaree Mantra:
aam hreen kron.

ashtaaksharee bhuvaneshvaree Mantra:
aam shreen hreen kaleem kleen hreen shreen kron.

ek akshar vaala Mantra:
bhuvaneshvaraayai namah

do akshar vaala Mantra:
shree hree bhuvaneshvaraayai namah

teen beej aksharon vaala Mantra:
shree kaleem bhuvaneshvaraayai namah

chaar akshar beej vaala Mantra:
hreen shreen kleen bhuvaneshvarayai namah

paanch akshar ke beej vaala Mantra:
shree ain kaleem hreen bhuvaneshvarayai namah

chhah akshar vaala Mantra:
shree hreen kalim ain saun bhuvaneshvaree namah

saat beej aksharon vaala Mantra:
shree hreen kalim ain saun hreen bhuvaneshvaree namah

aath beej aksharon vaala Mantra:
shree hreen kalim ain saun kleen hreen bhuvaneshvarayai namah

nau beej aksharon vaala Mantra:
shree hreen kalim ain kaleem saun ain saun bhuvaneshvaree namah

das beej aksharon vaala Mantra:
hreen shreen kaleem ain saun krin ham hreen hreen bhuvaneshvaryai namah

bhuvaneshvaree Mantra
hnin bhuvaneshvaree hnin namah.

bhuvaneshvaree beej Mantra ke laabh

aatmagyaan praapt karane ke lie
shareer mein oorja ka anubhav
kaary karane kee shakti rakhane ke lie
santaan praapti kee manokaamana kee poorti
man ke niyantran mein hona aadi.

5. bhairavi Mantra | 10 Mahavidya Mantra

bhairavee mool Mantra:
om hree bhairavee kalau hari svaaha.

trikaksharee tripur bhairavee Mantra:
hstraim hsklrim hstraunh.

ashtaaksharee tripur bhairavee Mantra:
hansana, hansana, hansana.

shmashaan bhairavee Mantra:
maanav rakt, haddiyon aur vasa ke bhakshak, kabristaan bhairavee, mujhe poornata pradaan karen
meree manokaamana poorn karen ham phat svaaha.

bhairavee gaayatree Mantra:
tripuraayai vidyaamahe mahaabhairavayai vidyaamahe devee hamase praarthana karen.

bhairavee Mantra, bhairavee Mantra
hreen bhairavee kalaam hreen svaaha.

bhairavi beej Mantra ke laabh

buree aatmaon aur taakaton ke prabhaav se mukti
bhay aur bhay ka ant
daampaty jeevan aur prem jeevan kee khushiyaan
shatruon aadi se mukti |

10 Mahavidya Mantra, दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ
10 Mahavidya Mantra, दस महाविद्या मन्त्र एवं उनके लाभ

6. chhinnamasta Mantra | 10 Mahavidya Mantra

ekakshara chhinnamasta Mantra:
main hoon.

triakshar chhinnamasta Mantra:
om ham om.

chaturaakshara chhinnamasta Mantra:
om ham svaaha.

panchaakshar chhinnamasta Mantra:
om ham svaaha

chhah akshar ka chhinnamasta Mantra:
hreen kaleem shreem ain ham phat.

chhinnamasta gaayatree Mantra:
vairochanaye vidmahe chhinnamastayai dheemahi tanno devee.

chhinnamasta Mantra, chhinnamasta Mantra
shree hreen kaleem ain vajr vairochaneey ham ham phat svaaha.

chhinnamasta beej Mantra ke laabh

shatruon ka naash
bhay ka naash hee suraksha kee praapti hai
aapadaon kee samaapti aadi.

7. dhoomaavatee Mantra | 10 Mahavidya Mantra

septuaagint

dhoomaavatee Mantra:
dhoom dhoomavatee svaaha.

ashtaakshara dhoomaavatee Mantra:
dhuaan dhuaan dhuen ke rang ka svaaha.

dashakshara dhoomaavatee Mantra:
dhuaan dhuaan dhuaan dhuaan dhuaan.

chaturdasaakshara dhoomaavatee Mantra:
dhuaan dhur dhur dhoomaavatee kron phat svaaha.

pandrah akshar ka dhoomaavatee Mantra:
dhoom dhoomaavatee devadatt svaaha chal raha hai.

dhoomaavatee gaayatree Mantra:
dhoomaavatyai vidyaamahe samhaarinayai dheemhi tanno dhooma prachodaya.

॥ 10 Mahavidya Mantra ॥

दस महाविद्या मंत्र से सम्बंधित प्रश्नोत्तरी | FAQ’s Of 10 Mahavidya Mantra

महाविद्या का मंत्र (10 Mahavidya Mantra) क्या है?

जो भक्त मातंगी महाविद्या की सिद्धि प्राप्त करता है वह अपने खेल, कला और संगीत के कौशल से दुनिया को अपने वश में कर लेता है। महाविद्या का मंत्र (10 Mahavidya Mantra)- ऊँ ह्नीं ऐ भगवती मतंगेश्वरी श्रीं स्वाहा: मां कमला की साधना समृद्धि, धन, नारी, पुत्र की प्राप्ति के लिए की जाती है। इनकी साधना से व्यक्ति धनवान और विद्यावान हो जाता है।

महाविद्या पाठ (Mahavidya Mantra) करने से क्या लाभ होता है?

महाविद्या पाठ (Mahavidya Mantra) करने से – आर्थिक स्थिति में सुधार, ऋण मुक्ति होना, व्यापार व नौकरी में उन्नति एवं सुख व वैभव में वृद्धि होना, मनोवांछित इच्छाओं की पूर्ति होना, शत्रुओं का विनाश, वैवाहिक व प्रेम सम्बन्ध का सुखमय होना इत्यादि अनेकों लाभ शाश्त्रों में वर्णित हैं|

दशम महाविद्या कौन-कौन सी है?

दस महाविद्याएं शक्ति के विभिन्न रूप हैं—काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी एवं कमला। इन्हें सौम्य, उग्र एवं सौम्य-उग्र कोटि में रखा जा सकता है। पहली कोटि में त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, मातंगी एवं कमला आती हैं।

महाविद्या कितने प्रकार की होती है?

महाविद्या, देवी पार्वती के दस रूप हैं, जो अधिकांश तान्त्रिक साधकों द्वारा पूजे जाते हैं, परन्तु साधारण भक्तों को भी अचूक सिद्धि प्रदान करने वाली है। इन्हें दस महाविद्या के नाम से भी जाना जाता है। ये दसों महाविद्याएं आदि शक्ति माता पार्वती की ही रूप मानी जाती हैं। दस महाविद्या विभिन्न दिशाओं की अधिष्ठातृ शक्तियां हैं।

सबसे शक्तिशाली महाविद्या कौन है?

काली ब्राह्मण का अंतिम रूप, “समय का भक्षक” (कालिकुल प्रणालियों के सर्वोच्च देवता)। महाकाली गहरे काले रंग की हैं, जो मृत्यु-रात के अंधेरे से भी गहरी हैं। उसकी तीन आंखें हैं, जो भूत, वर्तमान और भविष्य का प्रतिनिधित्व करती हैं।

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पवन शास्त्री ( सुर सरिता भजन )


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