Aarti Sangrah आरती संग्रह | Top 51 Aarti Lyrics In Hindi

इस Article (Post) में आपको 50 + Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi दिया जा रहा है और उम्मीद करता हूँ कि यह Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi जरूर Helpful होगा |

Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi

Index

यहाँ नीचे बॉक्स में कुछ आरती एवं कुछ आरतियों की कटेगरी दी गयी है, जो की 50 + Aarti Sangrah, आरतियो का संग्रह हैं-

Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi :-

गणेश जी की आरती ॐ जय अम्बे गौरी ॐ जय लक्ष्मी माता
 ॐ जय जगदीश हरे अम्बे तू है जगदम्बे काली श्री राम जी की आरती
आरती कुञ्ज बिहारी की बांके बिहारी की आरती  हनुमान जी की आरती
बाला जी की आरती साईं बाबा की आरती संतोषी माता की आरती

 

कुछ प्रमुख देवी, देवताओं की आरतियाँ ( Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi ) आपकी सुविधा के लिए नीचे क्रम से दी जा रही हैं –

यहाँ नीचे कुछ प्रमुख आरतियाँ ( Aarti Lyrics In Hindi ) दी गयी हैं –

आपको अयोध्या करती है आव्हान लिरिक्स, Ayodhya Karati Hai Avahan Lyrics

No.1 Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi

हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ लिरिक्स, Aarti Lyrics In Hindi

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यहाँ श्री राम जी की आरती He Raja Ram Teri Aarti Utaru Aarti Lyrics दिया गया है –

हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ,
आरती उतारूँ प्यारे तुमको मनाऊँ,
अवध बिहारी तेरी आरती उतारूँ,
हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ ||

 
कनक सिहासन रजत जोड़ी,
दशरथ नंदन जनक किशोरी,
युगल छबि को सदा निहारूँ,
हे राजा राम तेरी आरती उतारूं ||
 
 
बाम भाग शोभित जग जननी,
चरण बिराजत है सुत अंजनी,
उन चरणों को सदा पखारू,
हे राजा राम तेरी आरती उतारूं ||
 
 
आरती हनुमत के मन भाए,
राम कथा नित शिव जी गाए,
राम कथा हृदय में उतारू,
हे राजा राम तेरी आरती उतारूं ||
 
 
चरणों से निकली गंगा प्यारी,
वंदन करती दुनिया सारी,
उन चरणों में शीश नवाऊँ,
हे राजा राम तेरी आरती उतारूं ||
 
 
हे राजा राम तेरी आरती उतारूं,
आरती उतारूँ प्यारे तुमको मनाऊँ,
अवध बिहारी तेरी आरती उतारूँ,

हे राजा राम तेरी आरती उतारूं ||


Hey Gopal Krishn Karu Aarti Teri Aarti Lyrics

हमने यहाँ पर Hey Gopal Krishn Karu Aarti Teri Aarti Lyrics In Hindi आपके सुविधा के लिए सरल और आसन तरीके से दिया है, उम्मीद करते हैं कि यह Hey Gopal Krishn Karu Aarti Teri Lyrics, आपको जरूर पसंद आएगा |

Hey Gopal Krishn Karu Aarti Teri Lyrics

Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi

Hey Gopal Krishn Karu Aarti Teri Lyrics

यहाँ Hey Gopal Krishn Karu Aarti Teri Lyrics दिया गया है-

हे गोपाल कृष्ण करूँ आरती तेरी,
हे प्रिया पति मैं करूँ आरती तेरी,
तुझपे ओ कान्हा बलि बलि जाऊं,
सांझ सवेरे तेरे गुण गाउँ,
प्रेम में रंगी मैं रंगी भक्ति में तेरी,
हे गोपाल कृष्ण करू आरती तेरी,
हे प्रिया पति मैं करूँ आरती तेरी।।

ये माटी का कण है तेरा,
मन और प्राण भी तेरे,
मैं एक गोपी, तुम हो कन्हैया,
तुम हो भगवन मेरे,
हे गोपाल कृष्णा करू आरती तेरी,
हे प्रिया पति मैं करूँ आरती तेरी।।

ओ कान्हा तेरा रूप अनुपम,
मन को हरता जाए,
मन ये चाहे हरपल अंखिया,
तेरा दर्शन पाये,
दर्श तेरा, प्रेम तेरा, आस है मेरी,
दर्शन तेरा, प्रेम तेरा, आस है मेरी,
हे गोपाल कृष्णा करूँ आरती तेरी,
हे प्रिया पति मैं करूँ आरती तेरी।।

हे गोपाल कृष्ण करूँ आरती तेरी,
हे प्रिया पति मैं करूँ आरती तेरी,
तुझपे ओ कान्हा बलि बलि जाऊं,
सांझ सवेरे तेरे गुण गाउँ,
प्रेम में रंगी मैं रंगी भक्ति में तेरी,
हे गोपाल कृष्ण करू आरती तेरी,
हे प्रिया पति मैं करूँ आरती तेरी।। Aarti Sangrah आरती संग्रह


ॐ जय हनुमत वीरा लिरिक्स | Aarti Lyrics In Hindi

यहाँ पर आपको बालाजी की आरती लिरिक्स, Om Jai Hanumat veera Aarti Lyrics दिया जा रहा है और आशा करता हू कि यह बालाजी की आरती, Om Jai Hanumat veera Aarti Lyrics And Notation, आपको बहुत पसंद आएगा |

No.1 Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi

Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi

स्थाई :-
ओम जय हनुमत वीरा,
स्वामी जय हनुमत वीरा |

संकट मोचन स्वामी,
तुम हो रणधीरा ॥

ओम जय हनुमत वीरा,
स्वामी जय हनुमत वीरा ।

अंतरा :-
पवन पुत्र अंजनी सूत,
महिमा अति भारी ।

दुःख दरिद्र मिटाओ,
संकट सब हारी ॥

ओम जय हनुमत वीरा,
स्वामी जय हनुमत वीरा ।

बाल समय में तुमने,
रवि को भक्ष लियो ।

देवन स्तुति किन्ही,
तुरतहिं छोड़ दियो ॥

ओम जय हनुमत वीरा,
स्वामी जय हनुमत वीरा ।

कपि सुग्रीव राम संग,
मैत्री करवाई।

अभिमानी बलि मेटयो,
कीर्ति रही छाई ॥

ओम जय हनुमत वीरा,
स्वामी जय हनुमत वीरा ।

जारि लंक सिय-सुधि ले आए,
वानर हर्षाये ।

कारज कठिन सुधारे,
रघुबर मन भाये ॥

ओम जय हनुमत वीरा,
स्वामी जय हनुमत वीरा ।

शक्ति लगी लक्ष्मण को,
भारी सोच भयो ।

लाय संजीवन बूटी,
दुःख सब दूर कियो ॥

ओम जय हनुमत वीरा,
स्वामी जय हनुमत वीरा ।

रामहि ले अहिरावण,
जब पाताल गयो ।

ताहि मारी प्रभु लाय,
जय जयकार भयो ॥

ओम जय हनुमत वीरा,
स्वामी जय हनुमत वीरा ।

राजत मेहंदीपुर में,
दर्शन सुखकारी ।

मंगल और शनिश्चर,
मेला है जारी ॥

ओम जय हनुमत वीरा,
स्वामी जय हनुमत वीरा ।

श्री बालाजी की आरती,
जो कोई नर गावे ।

कहत इन्द्र हर्षित,
मनवांचित फल पावे ॥

ओम जय हनुमत वीरा,
स्वामी जय हनुमत वीरा ||

ओम जय हनुमत वीरा,
स्वामी जय हनुमत वीरा || Aarti Sangrah आरती संग्रह, Aarti Lyrics In Hindi ||

यहाँ Om Jai Hanumat veera Aarti Lyrics विडियो देखें :-

Om Jai Hanumat veera Aarti Lyrics, Aarti Sangrah आरती संग्रह


अम्बे तू है जगदम्बे आरती लिरिक्स, Aarti Lyrics In Hindi

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माता जी की आरती लिरिक्स, ambe tu hai jagdambe kali lyrics

Ambe tu hai jagdambe kali aarti lyrics
Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi
आरती- माता जी की आरती लिरिक्स, ambe tu hai jagdambe kali Aarti Lyrics In Hindi
अम्बे तू है जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेर ही गुण गावें भारती,
हो मैया हम सब उतारे तेरी आरती ।
 
तेरे भक्त जानो पर मैईया भीड़ पड़ी है भारी,
दानव दल पर टूट पड़ो माँ कर के सिंह सवारी ।
सौ सौ सिंहों से तू बलशाली,
है दस भुजाओं वाली,
दुखियों के दुख को निवारती ।
हो मैया हम सब उतारे तेरी आरती ।
 
माँ-बेटे का है इस जग में बड़ा ही निर्मल नाता,
मैया, बड़ा ही निर्मल नाता
पूत कपूत सुने है पर ना माता सुनी कुमाता ।
सबपे करुणा बरसाने वाली,
अमृत बरसाने वाली,
दुखिओं के दुख को निवारती ।
हो मैया हम सब उतारे तेरी आरती ।

नहीं मांगते धन और दौलत ना चांदी ना सोने,
मैया, ना चांदी न सोने,
हम तो मांगे माँ तेरे मन का एक छोटा सा कोना ।
सब की बिगड़ी बनाने वाली, लाज बचाने वाली,
शतीओं के सत को सवारती ।
ओ मैया हम सब उतारे तेरी आरती ।
जगदम्बे काली,
जय दुर्गे खप्पर वाली,
तेर ही गुण गावें भारती,
हो मैया हम सब उतारे तेरी आरती । Aarti Sangrah आरती संग्रह

Ambe tu hai jagdambe kali aarti lyrics का विडियो :-

 
Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi

ओम जय सरस्वती माता लिरिक्स, Aarti Lyrics In Hindi

इस Post में आपको Saraswati Mata Ki Aarti Lyrics, ओम जय सरस्वती माता लिरिक्स  दिया जा रहा है और उम्मीद करता हूँ कि Saraswati Mata Ki Aarti Lyrics, ओम जय सरस्वती माता लिरिक्स आपके लिए जरूर helpful साबित होगा |

Saraswati Mata Ki Aarti Lyrics

यहाँ Saraswati Mata Ki Aarti Lyrics In Hindi दिया गया है –

ओम जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता
सदगुण वैभव शालिनी, सदगुण वैभव शालिनी
त्रिभुवन विख्याता, जय जय सरस्वती माता

चन्द्रबदनि पद्मासिनि, कृति मंगलकारी
मैय्या कृति मंगलकारी

सोहे शुभ हंस सवारी, सोहे शुभ हंस सवारी
अतुल तेज धारी

जय जय सरस्वती माता

बाएं कर में वीणा, दाएं कर माला
मैय्या दाएं कर माला

शीश मुकुट मणि सोहे, शीश मुकुट मणि सोहे
गल मोतियन माला

जय जय सरस्वती माता

ओम जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता || Aarti Sangrah आरती संग्रह ||


साईबाबा धूप आरती | Aarti Lyrics In Hindi

Manush Janam Anmol Re Lyrics, मनुष जनम अनमोल रे लिरिक्स

Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi

यहाँ Dhoop Aarti Lyricsसाईबाबा धूप आरती, धूप आरती लिरिक्स दिया गया है –

आरती साईबाबा | सौख्यदातार जीवा |
चरणरजातली | द्यावा दासा विसावा, भक्ता विसावा ||
जाळुनियां अनंग | स्वस्वरूपी राहेदंग |
मुमुक्षूजनां दावी | निज डोळा श्रीरंग ||

जयामनी जैसा भाव | तया तैसा अनुभव |
दाविसी दयाघना | ऐसी तुझीही माव ||
तुमचे नाम ध्याता | हरे संस्कृती व्यथा |
अगाध तव करणी | मार्ग दाविसी अनाथा ||

कलियुगी अवतार | सगुण परब्रह्मः साचार |
अवतीर्ण झालासे | स्वामी दत्त दिगंबर ||
आठा दिवसा गुरुवारी । भक्त करिती वारी |
प्रभुपद पहावया | भवभय निवारी ||

माझा निजद्रव्यठेवा | तव चरणरज सेवा ||
मागणे हेचि आता | तुम्हा देवाधिदेवा ||
इच्छित दिन चातक | निर्मल तोय निजसुख |
पाजावे माधवा या | सांभाळ आपुली भाक ||

आरती साईबाबा | सौख्यदातार जीवा |
चरणरजातली | द्यावा दासा विसावा, भक्ता विसावा ||
आरती साईबाबा ||

Aarti Sangrah आरती संग्रह

इसे भी जाने-

शिर्डी माझे पंढरपुर – Abhang | Shirdi Majhe Pandharpur Lyrics in hindi/Marathi

शिर्डी माझे पंढरपुर |
साईबाबा रमावर ||
शुद्ध भक्ती चंद्रभागा |
भाव पुंडलिक जागा ||
या हो या हो अवघे जन |
करा बाबांसी वंदन ||
गणु म्हणे बाबा साई |
धाव पाव माझे आई ||

घालीन लोटांगण – Naman | Ghalin Lotangan Lyrics in hindi/Marathi

घालीन लोटांगण, वंदीनचरण |
डोळ्यांनीपाहीनरुपतुझें |
प्रेमेंआलिंगन, आनंदेपूजिन |
भावेंओवाळीन म्हणेनामा ||

त्वमेवमाताचपितात्वमेव |
त्वमेवबंधुक्ष्च सखात्वमेव |
त्वमेवविध्याद्रविणं त्वमेव |
त्वमेवसर्वंममदेवदेव ||

कायेनवाचामनसेंद्रीयेव्रा, बुद्धयात्मनावाप्रकृतिस्वभावात |
करोमियध्य्तसकलंपरस्मे, नारायणायेति समर्पयामि ||
अच्युतंकेशवं रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम |
श्रीधरं माधवंगोपिकावल्लभं, जानकीनायकं रामचंद्रभजे ||
(Dhoop Aarti Lyrics – साईबाबा धूप आरती, धूप आरती लिरिक्स)

नमस्कारान | Sainath Namasmarana Lyrics

हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे |
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे ||

हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे |
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे ||

हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे |
हरे कृष्ण हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण हरे हरे ||

साईं बाबा नमस्काराष्ट्कम | Sai Baba Namaskarashtak Aarti Lyrics

अनंता तुला ते कसे रे स्तवावे | अनंता तुला ते कसे रे नमावे ||
अनंत मुखांचा शिणे शेष गाथा | नमस्कार साष्टांग श्रीसाईनाथा || 1 ||
स्मरावे मनी त्वत्पदा नित्य भावे | उरावे तरी भक्तिसाठी स्वभावे ||
तरावे जगा तारुनी मायताता | नमस्कार साष्टांग श्री साईनाथा || 2 ||

वसे जो सदा दावया संत लीला | दिसे अज्ञ लोकापरी जो जनाला ||
परी अंतरि ज्ञान कैवल्यदाता | नमस्कार साष्टांग श्री साईनाथा || 3 ||
बरा लाधला जन्म हां मानवाचा | नरा सार्थका साधनीभुत साचा ||
धरु साईप्रेमा गळाया अहंता | नमस्कार साष्टांग श्री साईनाथा || 4 ||

धरावे करी सान अल्पज्ञ बाला | करावे आम्हा धन्य चुंबोनि घाला ||
मुखी घाल प्रेमे खरा ग्रास आता | नमस्कार साष्टांग श्री साईनाथा || 5 ||
सुरादिक ज्यांच्या पदा वंदिताति | सुरादिक ज्यांचे समानत्व देती ||
प्रयगादि तीर्थेपदि नम्र होता | नमस्कार साष्टांग श्री साईनाथा || 6 ||

तुझ्या ज्या पदा पाहता गोपबाली । सदा रंगली चित्स्वरुपि मिळाली ||
करी रासक्रीड़ा सवे कृष्णनाथा । नमस्कार साष्टांग श्री साईनाथा || 7 ||
तुला मागतो मागणे एक द्यावे । करा जोडितो दिन अत्यंत भावे ||
भवि मोहनीराज हा तारी आता । नमस्कार साष्टांग श्री साईनाथा || 8 ||

प्रार्थना – Sai Baba Prarthna Lyrics – Aisa Yei Ba Lyrics

ऐसा येई बा | साई दिगंबरा | अक्षयरूप अवतारा | सर्वही व्यापक तू |
श्रुतिसारा | अनुसया त्रिकुमारा | बाबा येई बा || ध्रु ||

काशी स्नान जप, प्रतिदिवशी | कोल्हापुर भिक्षेसि | निर्मल नदी तुंगा,
जल प्राशी | निद्रा माहुर देशी || ऐसा येईबा || 1 ||

झोळी लोंबतसे वाम करी | त्रिशुल डमरू धारी | भक्ता वरद सदा सुखकारी |
देशील मुक्ति चारि || ऐसा येईबा || 2 ||

पायी पादुका | जपमाला कमंडलू मृगछाला | धारण करिशि बा |
नागजटा मुगट शोभतो माथा || ऐसा येईबा || 3 ||

तत्पर तुझ्या या जे ध्यानी | अक्षय त्यांचे सदानि | लक्ष्मी वास करी दिनरजनी |
रक्षिसि संकट वारुनि || ऐसा येईबा || 4 ||

या परीध्यान तुझे गुरुराया | दृश्य करी नयना या | पूर्णा नंद सूखे ही काया |
लाविसि हरीगुण गाया || ऐसा येईबा || 5 ||

श्री साईनाथ महिम्न स्त्रोत्रम | Shri Sainath Mahima stotram Lyrics

सदा सत्स्वरूपं चिदानंदकंदं, जगत्समभवस्थानसंहारहेतुम |
स्वभक्तेछयामानुशं दर्शयन्तः, नमामीश्र्वरं सदगुरुसाईनाथं || 1 ||

भवध्वांतविध्वंसमर्तांडमिड्य, मनोवागतीतं मुनीर्ध्यानग्म्यम् |
जगदव्यापकं निर्मलं निर्गुणं त्वा, नमामीश्र्वरं सदगुरुसाईनाथं || 2 ||

भवांभोधीमग्नादिर्तानां जनानां, स्वपादाश्रितानां स्वभक्तिप्रियाणाम् |
समुद्धारणार्थ कल्लो संभवंतं, नमामीश्र्वरं सदगुरुसाईनाथं || 3 ||

सदा निंबवृक्ष्यस मूलाधिवसात्सुधास्त्राविणं तिक्तमप्यप्रियं तम् |
तरुं कल्पवृक्षाधिकं साधयंतं, नमामीश्र्वरं सदगुरुसाईनाथं || 4 ||

सदा कल्पवृक्ष्यस तस्यधिमुले भवद्भावबुद्ध्या सपर्यादिसेवाम् |
नृणा कुर्वतां भुक्तिमुक्तिप्रदं तं, नमामीश्र्वरं सदगुरुसाईनाथं || 5 ||

अनेकाश्रुतातर्क्यलीला विलासै: समाविश्र्कृतेशानभास्वत्प्रभावं |
अहंभावहीनं प्रसन्नात्मभावं, नमामीश्र्वरं सदगुरुसाईनाथं || 6 ||

सतां:विश्रमाराममेवाभिरामं सदा सज्जनै: संस्तुतं सन्नमद्भि: |
जनामोददं भक्तभद्रप्रदं तं, नमामीश्र्वरं सदगुरुसाईनाथं || 7 ||

अजन्माद्यमेकं परं ब्रम्ह साक्षात्स्व संभवं-राममेवावतीर्णम् |
भवद्दर्शनात्स्यपुनीत: प्रभो हं, नमामीश्र्वरं सदगुरुसाईनाथं || 8 ||

श्री साईंशकृपानिधेखिलनृणां सर्वार्थसिद्धिप्रद |
युष्मत्पादरज:प्रभावमतुलं धातापि वक्ताक्षम: |
सद्भ्क्त्या शरणं कृतांजलिपुट: संप्रापितोस्मि प्रभो,
श्रीमत्साईपरेशपादकमलान्यानछरणयं मम || 9 ||

साईरूपधरराघवोत्तमं, भक्तकामविबुधद्रुमं प्रभुम |
माययोपहतचित्तशुद्धये, चिंतयाम्यहमहर्निशं मुदा || 10 ||

शरत्सुधांशुप्रतिमंप्रकाश, कृपातपात्रं तव साईनाथ |
त्वदीयपादाब्जसमाश्रितानां स्वच्छयया तापमपाकरोतु || 11 ||

उपसनादैवतसाईनाथ, स्तवैमर्यो पासनिना स्तुतस्वम |
रमेन्मनो मे तव पाद्युग्मे , भ्रुङ्गो, यथाब्जे मकरंदलुब्ध : || 12 ||

अनेकजन्मार्जितपापसंक्षयो, भवेद्भावत्पादसरोजदर्शनात |
क्षमस्व सर्वानपराधपुंजकान्प्रसीद साईश गुरो दयानिधे || 13 ||

श्री साईनाथचरणांमृतपूतचित्तास्तत्पादसेवानरता: सततं च भक्त्या |
संसारजन्यदुरितौधविनिर्गतास्ते कवैल्याधाम परमं समवाप्नुवन्ति || 14 ||

स्तोत्रमेतत्पठेद्भक्त्या यो नरस्तन्मना: सदा |
सदगुरो: साइनाथस्य कृपापात्रं भवेद ध्रुवम || 15 ||
(Dhoop Aarti Lyrics – साईबाबा धूप आरती, धूप आरती लिरिक्स)

श्रीगुरुप्रसाद | याचना | दशक | Shri Guru Yachna Dashak Lyrics

रुसो मम प्रियांबिका, मजवरी पिताही रूसो |
रुसो मम प्रियांगना, प्रियसुतात्मजाही रूसो ||
रूसो भगिनी बंधुही, श्र्वशूर सासुबाई रूसो |
न दत्तगुरू साई मा, मजवरी कधीही रूसो || 1 ||

पुसो न सुनबाई त्या, मज न भ्रातृजाया पुसो |
पुसो न प्रिय सोयरे, प्रिय सगे न ज्ञाती पुसो ||
पुसो सुहृद ना सखा, स्वजन नाप्तबंधू पुसो |
परी न गुरू साई मा मजवरी, कधीही रूसो || 2 ||

पुसो न अबला मुलें, तरूण वृदही ना पुसो |
पुसो न गुरू धाकुटे, मज न थोर साने पुसो ||
पुसो नच भलेबुरे, सुजन साधुही ना पुसो |
परी न गुरू साई मा, मजवरी कधीहीं रूसो || 3 ||

रूसो चतूर तत्ववित, विबुध प्राज्ञ ज्ञानी रुसो |
रूसोहि विदुषी स्त्रिया, कुशल पंडिताही रूसो ||
रूसो महिपती यती, भजक तापसीही रूसो |
न दतगुरू साई मा, मजवरी कधीहीं रूसो || 4 ||

रूसो कवी ऋषी मुनी, अनघ सिद्ध योगी रूसो |
रूसो हि गृहदेवता, नि कुलग्रामदेवी रूसो ||
रूसो खल पिशाच्चही, मलिन डाकिनीही रूसो |
न दत्तगुरू साई मा, मजवरी कधीहीं रूसो || 5 ||

रूसो मृग खग कृमी, अखिल जीवजंतु रूसो |
रूसो विटप प्रस्तरा, अचल आपगाब्धी रूसो ||
रूसो ख पवनाग्नि वार, अवनि पंचतत्वे रूसो |
न दत्तगुरू साई मा, मजवरी कधीही रूसो || 6 ||

रूसो विमल किन्नरा, अमल यशिणीही रूसो |
रूसो शशि खगादिही, गगनिं तारकाही रूसो ||
रूसो अमरराजही, अदय धर्मराजा रूसो |
न दत्तगुरू साइ मा, मजवरी कधीही रूसो || 7 ||

रूसो मन सरस्वती, चपलचित्त तेंही रूसो |
रूसो वपु दिशाखिला, कठिण काल तोही रूसो ||
रूसो सकल विश्वही, मयि तु ब्रह्मगोलं रूसो |
न दतगुरू साइ मा, मजवरी कधींही रूसो || 8 ||

विमूढ म्हणूनी हसो, मज न मत्सराही डसो |
पदाभिरूचि उल्हासो, जननकर्दमी ना फसो ||
न दुर्ग धृतिचा धसो, अशिवभाव मागें खसो |
प्रपंचि मन हें रूसो,दृढ विरक्ति चित्ती ठसो || 9 ||

कुणाचिही घृणा नसो, न च स्पृहा कशाची असो |
सदैव हदयीं वसो, मनसि ध्यानिं साई वसो ||
पदी प्रणय वोरसो, निखिल दृश्य बाबा दिसो |
न दत्तगुरू साइ मा, उपरि याचनेला रूसो || 10 ||
(Dhoop Aarti Lyrics – साईबाबा धूप आरती, धूप आरती लिरिक्स)

पुष्पांजलि लिरिक्स | Saibaba Pushpanjali Lyrics

ॐ यज्ञेन यज्ञमयजंत देवास्तानि धर्माणि प्रथमान्यासन्न |
ते ह नाकं महिमानः सचंत यत्र पूर्वे साध्या संति देवा: ||
ॐ राजाधिराजाय प्रसह्यसाहिने नमो वयं वैश्रवणाय कुर्महे |
स मे कामान्कामकामाय मह्यं कामेश्वरो वैश्रवणो दधातु ||

कुबेराय वैश्रवणाय | महाराजा नमः | ॐ स्वस्ति |
साम्राज्य्मं भौज्य्मं स्वाराज्यं वैराज्यं पारमेष्ठ्य ||
राज्य माहाराज्यमाधिपत्यमयं समंतपर्यायी |
स्यात्सार्वभौमः सार्वायूष आंतादापरार्धात् ||

पृथिव्यैसमुद्रपर्यताया एकराळीती |
तदप्येष श्लोकोsभिगीतो मरूतः परिवेष्टारो ||

मरूत्तस्यावसनगृहे आविक्षितस्य कामप्रेर्विश्वेदेवा: सभासद इति ||

श्री नारायण वासुदेवाय सचिदानंद सदगुरु साईनाथ महाराज की जय.

Aarti Sangrah आरती संग्रह | Aarti Lyrics In Hindi

प्रार्थना | Prarthna | Sai Nath Karcharan Kritam Lyrics

करचरणकृतं वाक्कायजं कर्मजं वा |
श्रवणनयनजं वा मानसं वाsपराधम् ||
विदितमविदितं वा सर्वमेतत्क्षमस्व |
जय जय करुणाब्धे श्रीप्रभो साईनाथ ||

श्री सच्चिदानंद सदगुरु साईनाथ महाराज की जय.

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धन्यवाद्
पवन शास्त्री ( सुर सरिता टेक्नो )

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